70 के दशक में इसे खूब सुना था आज भी इस धुन को सुनता हूं तो आनन्द से भर उठटा हूं...आप भी सुने
अब बात नहीं होगी !!!!इस जहाज़ में दुनियाँ से छाँटकर लाया जायेगा संगीत...और चारों ओर फ़ैलाया जायेगा संगीत....संगीत की दुनियाँ का एक और वातायन जहाँ कम से कम ताज़ा साँस तो ले ही सकते हैं।
रविवार, 11 सितम्बर 2011
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मेरे बारे में
- vimal verma
- बचपन की सुहानी यादों की खुमारी अभी भी टूटी नही है.. जवानी की सतरंगी छाँह आज़मगढ़, इलाहाबाद,बलिया और दिल्ली मे.. फिलहाल १६-१७ साल से मुम्बई मे.. मनोरंजन चैनल के साथ रोजी-रोटी का नाता......
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